
मणिकर्ण (कुल्लू) लगातार हो रही भारी बारिश से कुल्लू जिले के कई गांवों में भूस्खलन का खतरा गहराता जा रहा है, और सबसे चिंताजनक स्थिति मणिकर्ण घाटी के शिल्हा गांव में सामने आई है। यहां 135 घर अब भूस्खलन के खतरे की जद में आ गए हैं। ग्रामीणों की रातें डर के साए में बीत रही हैं क्योंकि लगातार जमीन धंस रही है और दरारें चौड़ी होती जा रही हैं।
खतरे में पूरा गांव
वरशैणी पंचायत के अंतर्गत आने वाला शिल्हा गांव, वर्ष 2023 से ही लगातार भूस्खलन की चपेट में है। इस बार की बारिश ने स्थिति को और भी गंभीर बना दिया है। गांव के पास की जमीन में गहरी दरारें पड़ चुकी हैं और भूस्खलन किसी भी वक्त नदी से ऊपर गांव की ओर बढ़ सकता है।
ग्रामीणों की अपील
गांव के लोगों हुकुम सिंह, बुधराम, पूर्ण चंद, संगतराम, ठाकुर दास और छपे राम ने सरकार और प्रशासन से नदी किनारे कंक्रीट की सुरक्षा दीवार बनाने की मांग की है। उनका कहना है कि 2023 की आपदा के बाद जल शक्ति विभाग ने सुरक्षा का प्राकलन तो तैयार किया था, लेकिन आज तक कोई ठोस कार्य नहीं हुआ।
पर्यटक क्षेत्रों को प्राथमिकता, गांव उपेक्षित
ग्रामीणों का आरोप है कि मणिकर्ण घाटी में पर्यटकों की सुरक्षा को लेकर तो कदम उठाए जा रहे हैं, लेकिन स्थानीय लोगों की जानमाल की सुरक्षा को नजरअंदाज किया जा रहा है। शिल्हा गांव में कोई स्थायी सुरक्षा उपाय लागू नहीं किए गए हैं।
प्रशासन से तुरंत कार्रवाई की मांग
ग्रामीणों ने सरकार और जिला प्रशासन से तत्काल राहत और सुरक्षा कार्य शुरू करने की अपील की है। उनका कहना है कि यदि जल्द कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया तो पूरा गांव उजड़ सकता है, और लोगों को स्थायी विस्थापन का सामना करना पड़ सकता है।



