

मंडी ,हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले के बालीचौकी बाजार में बुधवार देर रात एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। यहां बली राम और बीरी सिंह का करीब 30 कमरों वाला भवन भरभरा कर गिर गया। गनीमत रही कि प्रशासन ने समय रहते खतरा भांपकर इमारत को पहले ही खाली करवा दिया था, जिससे किसी भी तरह का जानी नुकसान नहीं हुआ।
इस इमारत में 8 दुकानें और 30 कमरे थे, जिन्हें किराए पर दिया गया था। इसमें रहने वाले 60 से ज्यादा परिवारों और दुकानदारों को अब प्रशासन द्वारा बनाए गए राहत शिविरों में शिफ्ट किया गया है। कई लोगों का सामान भी इमारत में ही रह गया है, जिसे अब निकाल पाना मुमकिन नहीं है।
घटना का एक लाइव वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें लोग चिल्ला रहे हैं – “ओए भागो…” और फिर कुछ ही सेकंड में पूरी इमारत धराशायी हो जाती है। यह वीडियो इस भयावह स्थिति को साफ तौर पर दिखाता है।
SDM का बयान
एसडीएम बालीचौकी देवी चंद ने जानकारी दी कि, “किसी के घायल या हताहत होने की कोई सूचना नहीं है। प्रशासन द्वारा सभी प्रभावितों को हरसंभव सहायता दी जा रही है।” उन्होंने यह भी बताया कि बच्चों को स्कूल जाने के रास्ते भी ध्वस्त हो चुके हैं, जिससे शिक्षा व्यवस्था भी प्रभावित हुई है।
2023 से धंस रही है जमीन
गौरतलब है कि इस इलाके में 2023 से ही भू-धंसाव की घटनाएं हो रही हैं। पहले भी नाग मंदिर के पास 6 भवन ढह गए थे। यहां की ढलान तीखी और चट्टानें कच्ची हैं, जो बार-बार भू-स्खलन का कारण बन रही हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक, इस पूरे इलाके का भूगर्भीय अध्ययन कराना अब बेहद जरूरी हो गया है।
सड़कों को भी हुआ नुकसान
भूस्खलन की वजह से बालीचौकी से शारश, खलाओ और रही जाने वाले रास्ते भी टूट गए हैं, जिससे आवाजाही पूरी तरह से प्रभावित है। ग्रामीणों और व्यापारियों की आजीविका पर भी इस हादसे का गहरा असर पड़ा है।
हिमाचल का बालीचौकी क्षेत्र फिलहाल बेहद संवेदनशील भूभाग बन गया है। प्रशासन ने बड़ा नुकसान होने से पहले ही स्थिति को संभाल लिया, लेकिन भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचने के लिए वैज्ञानिक और दीर्घकालिक समाधान जरूरी हैं।



