
पूरा प्रदेश आपदा से प्रभावित, हर पीड़ित को मिलेगा ₹7.70 लाख का राहत पैकेज,CM सुक्खू ने कहा, विपक्ष सिर्फ राजनीतिक मुद्दा बनाता है, आपदा पर गंभीर नहीं
CM सुक्खू का जवाब, पूरे प्रदेश के लिए राहत पैकेज
हिमाचल विधानसभा में चल रही आपदा पर चर्चा के बीच मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने स्पष्ट किया कि आपदा एक क्षेत्र की नहीं, पूरे राज्य की है। उन्होंने बताया कि हर प्रभावित को ₹7.70 लाख तक का राहत पैकेज दिया जा रहा है।
उन्होंने विपक्ष पर हमला बोलते हुए कहा, “विपक्ष सिर्फ राजनीति करने के लिए मुद्दे उठाता है, वह आपदा की गंभीरता को नहीं समझता।” सीएम ने यह भी कहा कि केंद्र सरकार से वन भूमि पर पुनर्वास के लिए अधिकार मांगा गया है, क्योंकि राज्य के पास जमीन नहीं है।
राजस्व मंत्री नेगी का तंज, जयराम प्रदेश के लिए ‘पनौती’
राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ने विपक्ष के नेता जयराम ठाकुर पर निशाना साधते हुए उन्हें “पनौती” करार दिया। उन्होंने कहा कि उनके कार्यकाल में बनीं सड़कों पर ही आज संकट है। विपक्ष की गैरमौजूदगी में नेगी ने यह भी कहा कि सराज क्षेत्र में राहत राशि के बंटवारे में भी भेदभाव हुआ है।
गांवों में प्लॉट भी आए TCP दायरे में
नगर नियोजन मंत्री राजेश धर्माणी ने बताया कि अगर गांवों में कोई व्यक्ति 1000 स्क्वायर मीटर से ज्यादा का प्लॉट खरीदे या निर्माण करे, तो वह TCP नियमों में आएगा। शहरी क्षेत्रों में यह सीमा 600 स्क्वायर मीटर होगी।
विपक्ष के आरोप, सरकार की तैयारी अधूरी, पक्षपात हो रहा
करसोग विधायक दीपराज बोले,सरकार का व्यवहार सौतेला, सीएम तक नहीं आए।”
भाजपा विधायक रणधीर शर्मा ने कहा,राजस्व मंत्री के बयानों से सरकार की गैर-गंभीरता दिखती है।”
भरमौर से जनकराज ने कहा,सरकार की अधूरी तैयारी और भ्रष्टाचार के चलते हिमाचल बर्बादी की ओर।”
कांगड़ा के पवन काजल बोले,हर साल आपदा, फिर भी सरकार अलर्ट नहीं।”
ज्वालामुखी के संजय रत्न बोले तीन साल से बहस तो बहुत हो रही पर नतीजा नहीं।”
कसौली से विनोद सुल्तानपुरी ने पुनर्वास को सबसे बड़ी प्राथमिकता बताया।
मनाली का हाल,पर्यटन पूरी तरह ठप
मनाली से विधायक भुवनेश्वर गौड़ ने कहा कि ब्यास नदी पर 68 करोड़ की प्रोटेक्शन दीवार से जरूर राहत मिली, लेकिन टूरिज्म इंडस्ट्री पूरी तरह से ठप पड़ी है। नेशनल हाइवे ठीक नहीं होने से पर्यटक नहीं आ रहे।
हिमाचल विधानसभा में आपदा पर राजनीति बनाम राहत की बहस गहराती जा रही है।सरकार का दावा,पूरे प्रदेश के लिए एक समान राहत नीति विपक्ष का आरोप,तैयारी अधूरी, पक्षपात स्पष्ट ,जनता की उम्मीद राजनीति से ऊपर उठकर, पुनर्वास और पुनर्निर्माण पर तेजी



