

हिमाचल प्रदेश के बंजार क्षेत्र में इस समय सेब सीजन अपने चरम पर है, लेकिन लगातार हो रही बारिश और भूस्खलन के कारण करीब 30 सड़कें अवरुद्ध हो चुकी हैं। इससे सेब उत्पादकों और आम लोगों को भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। क्षेत्र की सड़कों पर गाड़ियाँ थमी पड़ी हैं और कई गांवों का संपर्क पूरी तरह टूट गया है।
प्रधान संघ बंजार ने इस स्थिति को लेकर सरकार को ज्ञापन भेजा है और लोक निर्माण विभाग (PWD) की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। संघ का कहना है कि विभाग की लापरवाही और खराब योजना के चलते यह हालत बनी है। नालियां नहीं बनीं, पुराने कलवर्ट बंद हैं और समय रहते सफाई या मरम्मत का कोई कार्य नहीं किया गया।
ज्ञापन में यह भी कहा गया कि सेब मंडियों तक नहीं पहुंच पा रहे, जिससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। घाटी के कई लोग गांवों में फंसे हुए हैं, बीमार लोगों को इलाज के लिए अस्पताल ले जाना मुश्किल हो गया है।
प्रधान संघ ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही सड़कें नहीं खोली गईं, तो घाटी की जनता आंदोलन के लिए सड़कों पर उतरने से पीछे नहीं हटेगी।
जनता और किसानों की मांग है कि सभी अवरुद्ध सड़कों को तुरंत खोला जाए और सड़क निर्माण मरम्मत में गुणवत्ता सुनिश्चित की जाए ताकी भविष्य में ऐसी आपदाओं से निपटने के लिए पूर्व तैयारियां की जाएं
बंजार क्षेत्र में स्थिति गंभीर बनी हुई है और लोगों को राहत देने के लिए त्वरित प्रशासनिक कार्रवाई की आवश्यकता है।



