
उपमंडल बंजार की ग्राम पंचायत तलाड़ा में भारी बारिश के चलते भूस्खलन का खतरा गहराता जा रहा है। क्षेत्र के करीब 70 घरों पर तबाही का खतरा मंडरा रहा है, जिसके चलते कई परिवारों ने अपने मकान खाली कर दिए हैं। पिन पार्वती नदी से हो रहा भारी कटाव गांव की जमीन और मकानों को नुकसान पहुंचा रहा है।
ग्राम पंचायत तलाड़ा के प्रधान मोहर सिंह ने बताया कि पंचायत के धारा, कंढा, बिहाली, शलैश, सारी, टिलरा, कठाईर, पनवी, जूही, खनीणी, शणौण, फबियारी और न्यूल जैसे दर्जनों गांव भूस्खलन की चपेट में हैं। चट्टानों के खिसकने से मकानों में दरारें आ रही हैं और कई घर धीरे-धीरे जमींदोज होने की कगार पर पहुंच चुके हैं।
पंचायत की कई सड़कें पूरी तरह से नष्ट हो चुकी हैं, जिससे किसानों और बागबानों को अपने उत्पाद कंधों या घोड़ों पर लादकर दस किलोमीटर तक ले जाना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने सरकार से मांग की है कि भूस्खलन रोकने के उपाय जल्द किए जाएं, ताकि विस्थापन की नौबत न आए।
सैंज के नायब तहसीलदार हीरालाल नलवा और तहसीलदार नरेंद्र शर्मा ने क्षेत्र का दौरा कर नुकसान का आकलन किया है और प्रभावित परिवारों को हरसंभव सहायता का भरोसा दिलाया है।
तलाड़ा पंचायत में भूस्खलन से 70 घर खतरे में,सैकड़ों बीघा भूमि खिसकने की चपेट में,कई गांवों में मकानों में दरारें, लोग कर रहे घर खाली,क्षतिग्रस्त फसलें, टूटी सड़कें,किसानों को भारी नुकसान,प्रशासन ने किया दौरा, मुआवजा और राहत की प्रक्रिया जारी
अगर प्रशासन ने समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए, तो तलाड़ा पंचायत के सैकड़ों परिवारों को भारी नुकसान और विस्थापन का सामना करना पड़ सकता है।



