
हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने शुक्रवार को कांग्रेस मुख्यालय में ‘वोट चोर-कुर्सी छोड़’ अभियान की शुरुआत की। इस मौके पर उन्होंने कहा कि कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी मतदाताओं के अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष कर रहे हैं, और यह अभियान हिमाचल में भी पूरी ताकत से चलाया जाएगा।
मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि प्रदेश को दो बार चुनावों का सामना करना पड़ा—पहली बार 2022 में जब जनता ने कांग्रेस को बहुमत देकर 40 सीटें दीं, और दूसरी बार तब, जब कुछ विधायक पार्टी से दगा कर गए। लेकिन जनता ने दोबारा कांग्रेस को समर्थन देकर उसका हौसला बढ़ाया। अब फिर से पार्टी के पास 40 विधायक हैं।
उन्होंने जनता और कांग्रेस कार्यकर्ताओं का आभार जताते हुए कहा कि जनता का रुझान कांग्रेस की ओर है, और पार्टी नीतियों व एकजुटता के बल पर नया इतिहास रचने को तैयार है। सुक्खू ने कहा कि बीजेपी में आपसी खींचतान है, जबकि कांग्रेस में सिर्फ “हाथ” का गुट है।
कांग्रेस चरणबद्ध तरीके से गारंटियों को पूरा कर रही है।
पुरानी पेंशन योजना की बहाली के बाद केंद्र सरकार ने हिमाचल की ऋण सीमा में 1600 करोड़ की कटौती की।
वर्ष 2023 की आपदा राहत के लिए राज्य सरकार ने अपने संसाधनों से 4500 करोड़ रुपए का पैकेज दिया।
राजभवन में बिल लंबित, सरकार सुप्रीम कोर्ट के निर्णय का इंतजार कर रही है।
वाइस चांसलर की नियुक्ति पर राज्य सरकार की अनदेखी हुई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज लोकतंत्र पर संकट है, लेकिन कांग्रेस इन चुनौतियों से न डरते हुए जनहित में संघर्ष जारी रखेगी। उन्होंने कहा, “मुझे चुनौतियों से लड़कर जनता की आवाज़ बनने में मजा आता है।
कार्यक्रम में एचपीसीसी अध्यक्ष प्रतिभा सिंह, सह प्रभारी विदित चौधरी, उप मुख्यमंत्री, कैबिनेट मंत्री, विधायक, पूर्व मंत्री और कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।



