
हिमाचल प्रदेश में अब ई-जमाबंदी को वैधानिक मान्यता मिल गई है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में विधानसभा परिसर में हुई कैबिनेट बैठक में डिजिटल साइन की हुई जमाबंदी को मंजूरी दे दी गई है। यह निर्णय राजस्व सेवाओं को पूरी तरह ऑनलाइन करने की दिशा में सरकार का एक बड़ा और अहम कदम माना जा रहा है।
कैबिनेट बैठक में हिमाचल प्रदेश पावर कॉर्पोरेशन को 957 करोड़ रुपये का लोन लेने की गारंटी भी प्रदान की गई है, जिससे राज्य की ऊर्जा परियोजनाओं को गति मिलेगी। इसके अलावा कैबिनेट ने कुल चार विधेयकों को मंजूरी दी, जिनमें हिमाचल प्रदेश रजिस्ट्रेशन अमेंडमेंट बिल शामिल है। इस बिल में भी राजस्व सेवाओं को डिजिटल करने से जुड़े नए प्रावधान जोड़े गए हैं।
सीजीसीआर टैक्स (Certain Goods Carried Through Road) के अंतर्गत वन टाइम सेटलमेंट स्कीम लाने की तैयारी।
नगर परिषदों और नगर निगमों में चुनावों को दो साल तक टालने का प्रावधान भी कैबिनेट चर्चा में आया।
स्कूल प्रबंधन समितियों के माध्यम से नियुक्त शिक्षकों को LDR कोटे में शामिल करने के लिए वन टाइम पद बढ़ाने पर चर्चा हुई। अंतिम निर्णय के लिए विधि विभाग की रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।
इस कैबिनेट बैठक के फैसले प्रदेश में डिजिटल गवर्नेंस को बढ़ावा देने और प्रशासनिक प्रक्रियाओं को अधिक पारदर्शी व सुलभ बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।



