
हिमाचल प्रदेश में मानसून का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। अब तक भारी बारिश और भूस्खलन से प्रदेश को कुल 2326 करोड़ रुपये का नुकसान हो चुका है। राज्य भर में 316 सड़कें, जिनमें एनएच-305 भी शामिल है, अभी भी बंद हैं, जिससे लोगों को भारी आवाजाही की परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
राज्य में 110 बिजली ट्रांसफार्मर बंद पड़े हैं, जिससे हजारों घरों की बिजली गुल है। वहीं, 131 पेयजल योजनाएं ठप होने से लोगों को पीने के पानी की गंभीर समस्या से जूझना पड़ रहा है। लैंडस्लाइड और उफनते नालों के कारण कई पेयजल पाइपें क्षतिग्रस्त हो चुकी हैं, जिन्हें ठीक करने में लंबा समय लग सकता है।
क्षेत्रवार स्थिति इस प्रकार है
बिलासपुर: 2 सड़कें बंद
चंबा: 4 सड़कें, 2 ट्रांसफार्मर ठप
कांगड़ा: 23 सड़कें, 8 ट्रांसफार्मर बंद
कुल्लू: NH-305 सहित 1 सड़क बंद, 77 ट्रांसफार्मर और 75 पेयजल योजनाएं प्रभावित
लाहुल-स्पीति: 1 सड़क, 1 ट्रांसफार्मर और 2 पेयजल योजनाएं बंद
मंडी: 157 सड़कें, 15 ट्रांसफार्मर और 43 पेयजल योजनाएं बंद
शिमला: 6 सड़कें, 1 ट्रांसफार्मर बंद
सिरमौर: 6 सड़कें बंद
ऊना: 10 सड़कें बंद
मानसून की इस त्रासदी में अब तक 295 लोगों की मौत, 350 लोग गंभीर रूप से घायल, और 37 लोग लापता बताए जा रहे हैं। लापता लोगों की तलाश अभी जारी है।
प्रशासन की टीमें राहत और बहाली कार्य में जुटी हैं, लेकिन लगातार हो रही बारिश व भू-स्खलन से स्थिति सामान्य होने में अभी समय लगेगा। सरकार ने प्रभावित क्षेत्रों में मरम्मत और पुनर्स्थापन कार्यों को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए हैं।



