
ग्रामीण क्षेत्रों में उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए सख्त निर्देश – गैस वितरण वाहनों में लगेंगे लाउडस्पीकर, निरीक्षण अभियान जल्द
कुल्लू, 23 अगस्त,जिला कुल्लू में घरेलू गैस वितरण व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और उपभोक्ता-मित्र बनाने के उद्देश्य से जिला प्रशासन द्वारा नई पहल की गई है। जिला नियंत्रक, खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले, अरविन्द शर्मा ने बताया कि जिला दण्डाधिकारी कुल्लू द्वारा “हिमाचल प्रदेश जमाखोरी एवं मुनाफाखोरी उन्मूलन आदेश, 1977” के अंतर्गत घरेलू गैस सिलेण्डरों की भाड़ा दरें निर्धारित की गई हैं। इसी के साथ, वितरण प्रक्रिया को अधिक सुविधाजनक बनाने के लिए कुछ अहम दिशा-निर्देश भी जारी किए गए हैं।
ग्रामीण उपभोक्ताओं को समय पर सूचना देना जरूरी
नवीन दिशा-निर्देशों के अनुसार, अब जिले की सभी गैस एजेंसियों को यह सुनिश्चित करना होगा कि जब उनके वितरण वाहन ग्रामीण क्षेत्रों में घरेलू गैस सिलेण्डरों की आपूर्ति या बिक्री के लिए जाएं, तो वे लाउडस्पीकर के माध्यम से उपभोक्ताओं को सूचना दें। इसका उद्देश्य यह है कि उपभोक्ता पहले से ही अधिसूचित स्थान (फोकल प्वाइंट) पर खाली सिलेण्डर लेकर तैयार रह सकें। इससे न केवल उपभोक्ताओं का समय बचेगा, बल्कि गैस एजेंसी के कर्मचारियों को भी वितरण कार्य में सुविधा होगी।
शिकायतें बढ़ने पर हुई सख्ती
जिला नियंत्रक अरविन्द शर्मा ने बताया कि उपभोक्ताओं और संस्थाओं से लगातार शिकायतें प्राप्त हो रही थीं कि कई गैस एजेंसियां इस नियम की अनदेखी कर रही हैं। इससे ग्रामीण उपभोक्ताओं को गैस प्राप्त करने में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इस मामले पर विधानसभा समितियों ने भी संज्ञान लिया है और उपभोक्ता सुविधा को ध्यान में रखते हुए स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं कि सभी गैस वितरण वाहनों पर लाउडस्पीकर अवश्य लगाए जाएं।
कैश मेमो और तौल मशीन भी अनिवार्य
उन्हेंने कहा कि उपभोक्ताओं को घरेलू गैस सिलेण्डर की बिक्री पर कैश मेमो देना अनिवार्य होगा, जिसमें सिलेण्डर की कीमत और परिवहन भाड़ा अलग-अलग स्पष्ट रूप से अंकित हो। इसके अलावा, प्रत्येक वितरण वाहन में भारतोलक (वजन मापने की मशीन) भी उपलब्ध होनी चाहिए, जिससे उपभोक्ता मौके पर ही सिलेण्डर का वजन जांच सकें और किसी प्रकार की धोखाधड़ी की संभावना न रहे।
जल्द शुरू होगा निरीक्षण अभियान
जिला नियंत्रक ने यह भी घोषणा की कि शीघ्र ही खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग और माप-तौल विभाग के संयुक्त तत्वावधान में एक निरीक्षण अभियान चलाया जाएगा। इस अभियान के अंतर्गत विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों में गैस एजेंसियों की कार्यप्रणाली की जांच की जाएगी। यदि किसी एजेंसी द्वारा निर्धारित नियमों का उल्लंघन पाया गया, तो उसके विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।
यह कदम ग्रामीण उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए एक स्वागतयोग्य पहल है, जिससे गैस वितरण प्रक्रिया अधिक पारदर्शी, व्यवस्थित और उपभोक्ता-हितैषी बन सकेगी। जिला प्रशासन द्वारा दिए गए सख्त निर्देशों के पालन से भविष्य में उपभोक्ताओं की शिकायतों में निश्चित रूप से कमी आएगी और सेवा गुणवत्ता में सुधार होगा।



