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परख, राष्ट्रीय सर्वेक्षण में हिमाचल की धमक ग्रामीण छात्रों का शानदार प्रदर्शन, लड़कियों ने भी मारी बाज़ी

 शिक्षा के क्षेत्र में हिमाचल प्रदेश ने एक बार फिर अपनी उत्कृष्टता का परिचय दिया है। “परख” राष्ट्रीय सर्वेक्षण में हिमाचल ने उल्लेखनीय प्रदर्शन किया है, जहां ग्रामीण क्षेत्रों के छात्रों ने शहरी छात्रों से बेहतर प्रदर्शन किया और लड़कियों ने लड़कों से अधिक अंक हासिल किए।
इस उपलब्धि पर केंद्रीय शिक्षा सचिव ने हिमाचल प्रदेश की खुले दिल से सराहना करते हुए अन्य राज्यों को इससे प्रेरणा लेने की बात कही है।

 राज्य की शिक्षा प्रणाली में सकारात्मक बदलाव
समग्र शिक्षा अभियान के निदेशक राजेश शर्मा ने शिमला में आयोजित एक कार्यशाला में यह जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि यह सफलता राज्य सरकार द्वारा समावेशी और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को प्राथमिकता देने का परिणाम है।

इसी क्रम में Learning Enhancement Program (LEP) 2.0 तैयार किया गया है, जिसका उद्देश्य शैक्षणिक रूप से कमजोर बच्चों को मुख्यधारा में लाना है।
 हिमाचल प्रदेश शिक्षा संकल्प” — नया शैक्षणिक मार्गदर्शक मॉड्यूल
कार्यशाला में तैयार किए गए ‘शिक्षा संकल्प’ मॉड्यूल की समीक्षा करते हुए उसे ‘हिमाचल प्रदेश शिक्षा संकल्प’ नाम देने का सुझाव दिया गया। यह मॉड्यूल:

शिक्षकों को मार्गदर्शन देगा कि वे छात्रों को कैसे प्रभावी और सरल तरीकों से पढ़ाएं।
विद्यार्थियों के लिए अनुकूल अभ्यास सामग्री और व्यक्तिगत सहयोग का मार्ग प्रशस्त करेगा
 4.14 लाख छात्रों का डिजिटल मूल्यांकन

LEP 2.0 की संरचना के लिए राज्यभर के 4.14 लाख छात्रों का डिजिटल मूल्यांकन किया गया। यह विश्लेषण:
आधुनिक तकनीक द्वारा किया गया,
जिससे बच्चों की सीखने की स्थिति का सटीक आंकलन संभव हुआ,

और शिक्षकों व प्रशासन को समय पर निर्णय लेने में मदद मिली।
 कमजोर छात्रों को मिलेगा व्यक्तिगत सहयोग
राजेश शर्मा के अनुसार, प्रदेश के सरकारी स्कूलों में लगभग 25% छात्र ऐसे हैं जिन्हें अतिरिक्त शैक्षणिक सहयोग की आवश्यकता है। LEP 2.0 के तहत:

छात्रों की समय-समय पर मूल्यांकन प्रक्रिया होगी।
Remedial Books और डिजिटल अभ्यास द्वारा बच्चों को उनकी जरूरत के अनुसार सहायता दी जाएगी।
Swift Chat ऐप और विद्या समीक्षा केंद्र के माध्यम से पूरी योजना की डिजिटल निगरानी की जाएगी।

 नतीजे होंगे दीर्घकालिक
इन सभी प्रयासों से छात्रों की न केवल शैक्षणिक समझ में सुधार होगा, बल्कि:

पढ़ाई रुचिकर बनेगी,
नियमित अभ्यास से उनकी कमजोरियाँ दूर होंगी,
और वे कक्षा में अपने साथियों के साथ तालमेल बैठा सकेंगे।

परख  सर्वेक्षण में हिमाचल की सफलता न केवल राज्य के लिए गर्व की बात है, बल्कि यह दर्शाता है कि स्थिर नीति, समर्पित शिक्षक और नवाचार आधारित योजनाएं किस तरह देश के किसी भी कोने में शिक्षा की गुणवत्ता में क्रांतिकारी बदलाव ला सकती हैं। हिमाचल का यह मॉडल अन्य राज्यों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन रहा है।

Kullu Update
Author: Kullu Update

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