
टीम इंडिया के सीनियर बल्लेबाज़ चेतेश्वर पुजारा के साथ एक बार वेस्टइंडीज दौरे के दौरान लूटपाट की घटना हुई थी। यह घटना तब सामने आई जब हाल ही में रोहित शर्मा ने एक किताब विमोचन कार्यक्रम के दौरान इसका जिक्र किया। उन्होंने बताया कि किस तरह पुजारा ने खिलाड़ियों की सलाह को नजरअंदाज किया और इसका नतीजा उसे भुगतना पड़ा।
रात के अंधेरे में हुई वारदात
यह घटना साल 2012 की है, जब पुजारा इंडिया ए टीम के साथ त्रिनिदाद और टोबैगो दौरे पर थे। उस समय वह भारतीय टीम में स्थायी सदस्य नहीं थे और अपने करियर के शुरुआती दौर में थे। एक रात वे खाना ढूंढने के लिए बाहर निकल पड़े।
रोहित शर्मा, जो उस वक्त भी टीम का हिस्सा थे, ने बताया कि, “हमने पुजारा से कहा था कि रात 9 बजे के बाद बाहर मत निकलना। यह भारत नहीं, वेस्टइंडीज है। लेकिन वह नहीं माना,रात लगभग 11 बजे पुजारा, एक फिजियोथेरेपिस्ट के साथ शाकाहारी रेस्टोरेंट की तलाश में निकले थे। लौटते समय उनके साथ लूटपाट की घटना हुई।
रोहित ने सुनाई आपबीती
इस घटना का खुलासा रोहित शर्मा ने उस वक्त किया जब वे पुजारा की पत्नी की किताब के विमोचन पर मंच पर मौजूद थे। उन्होंने मजाकिया लहजे में कहा, “कभी-कभी वह जिद्दी हो जाता है। हमने समझाया, लेकिन वह फिर भी निकल गया… और फिर जो होना था, हुआ।”
पुजारा ने लिया इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास,यह घटना ऐसे समय सामने आई है जब चेतेश्वर पुजारा ने 24 अगस्त 2025 को इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास की घोषणा कर दी। 37 वर्षीय पुजारा ने भारत के लिए 103 टेस्ट खेले, जिनमें 7195 रन बनाए और 19 शतक जड़े। उनका टेस्ट औसत 43 से ज्यादा रहा।
वह 2010 में एमएस धोनी की कप्तानी में टीम इंडिया में शामिल हुए थे। उस दौर की टीम में राहुल द्रविड़, सचिन तेंदुलकर, वीवीएस लक्ष्मण और वीरेंद्र सहवाग जैसे दिग्गज खिलाड़ी थे।
पुजारा ने अपने संन्यास के बाद रणजी ट्रॉफी में खेलने की इच्छा भी जताई है और कहा है कि वे युवा खिलाड़ियों के साथ अपना अनुभव साझा करना चाहते हैं।
वेस्टइंडीज में लूट का शिकार हुए पुजारा, रोहित की चेतावनी को किया था नजरअंदाज



