
कुल्लू ,हिमाचल प्रदेश भारी बारिश के चलते कुल्लू-मनाली क्षेत्र में हालात बिगड़ते जा रहे हैं। लगातार बारिश और भूस्खलन के कारण कई सड़कें बंद हो गई हैं, जिससे आवश्यक वस्तुओं और ईंधन की आपूर्ति प्रभावित हुई है। इस आपदा की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने पेट्रोल-डीजल की बिक्री पर सीमाएं तय कर दी हैं ताकि घाटी में ईंधन की किल्लत न हो।
अब कारों को मिलेगा सिर्फ 20 लीटर पेट्रोल
उपायुक्त कुल्लू एवं DDMA अध्यक्ष तोरुल एस. रवीश द्वारा जारी आदेशों के अनुसार:
हल्के वाहनों (LMV) को एक बार में अधिकतम 20 लीटर पेट्रोल या डीजल मिलेगा।
भारी वाहनों (HMV) को अधिकतम 100 लीटर तक ईंधन दिया जाएगा।
आपातकालीन सेवाएं जैसे एम्बुलेंस, अग्निशमन वाहन, जरूरी वस्तुओं की ढुलाई और सड़क बहाली में लगे वाहनों को आवश्यकता अनुसार फ्यूल मिलेगा।
प्रशासन ने सभी पेट्रोल पंपों को आदेश दिया है कि वे अपने स्टोरेज की क्षमता के अनुसार न्यूनतम रिज़र्व स्टॉक बनाए रखें:
जिन पंपों की क्षमता 25,000 लीटर से अधिक है, उन्हें 5,000 लीटर डीजल और 3,000 लीटर पेट्रोल रिज़र्व में रखना होगा।
जिनकी क्षमता 25,000 लीटर से कम है, उन्हें 3,000 लीटर डीजल और 2,000 लीटर पेट्रोल स्टॉक में रखना अनिवार्य है।
कालाबाजारी पर सख्त कार्रवाई
प्रशासन ने चेतावनी दी है कि अगर किसी पेट्रोल पंप पर जमाखोरी या कालाबाजारी पाई जाती है, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
ऐसे मामलों में भारतीय दंड संहिता की धारा 188, 269, 270 और आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 की धारा 51 के तहत केस दर्ज किया जाएगा, जिसमें दो साल तक की सजा या जुर्माना, या दोनों हो सकते हैं।
कुल्लू और मनाली की ओर जाने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग-03 सहित वैकल्पिक मार्ग कांडी–कटौला पर भूस्खलन और सड़क क्षति के कारण भारी वाहनों की आवाजाही बंद है। अनुमान है कि इन सड़कों की बहाली में 1-2 दिन लग सकते हैं।
ऐसे में प्रशासन ने ईंधन और आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए यह फ्यूल लिमिट लागू की है।
आम नागरिकों से ईंधन का सीमित और समझदारी से उपयोग करने की अपील की गई है।
घबराहट में ईंधन जमा न करें।
पेट्रोल पंप संचालकों से नियमों का पालन करने और जनता की मदद करने को कहा गया है।
कुल्लू-मनाली में इस समय हालात गंभीर हैं। प्रशासन आपूर्ति और व्यवस्था बनाए रखने के लिए सतर्क है, लेकिन इसमें जनता का सहयोग भी बेहद ज़रूरी है।
फिलहाल जरूरी यात्रा से बचें, और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें।



