
हिमाचल प्रदेश में बारिश का तांडव: कुल्लू-मनाली में भारी तबाही, ब्यास नदी का रौद्र रूप, राज्य में 310 मौतें
शिमला,हिमाचल प्रदेश में इस बार मानसून ने अपनी पूरी ताकत दिखा दी है। प्रदेश के कई जिलों में भारी बारिश, भूस्खलन और नदियों में उफान ने जनजीवन को बुरी तरह से प्रभावित किया है। भारतीय मौसम विभाग द्वारा जारी रेड अलर्ट के बीच बीते 24 घंटों में 7 और लोगों की जान चली गई, जिससे अब तक वर्षा जनित मौतों का आंकड़ा 310 तक पहुंच गया है।
कुल्लू-मनाली: सबसे ज्यादा नुकसान, ब्यास में समाए घर-दुकानें
इस मानसून सीजन में सबसे अधिक तबाही कुल्लू और मनाली क्षेत्रों में देखने को मिली है। जानकारी के अनुसार, ब्यास नदी के तेज बहाव और लगातार हो रही बारिश के चलते 28 से अधिक घर, दुकानें और रेस्टोरेंट नदी में बह गए हैं। कुल्लू के रामशीला, बाहंग, अखाड़ा बाजार और ओल्ड मनाली इलाके सबसे ज्यादा प्रभावित हैं।
ओल्ड मनाली को जोड़ने वाला पुल और लेफ्ट बैंक ब्रिज पूरी तरह बह चुके हैं। ब्यास का पानी इतना बढ़ चुका है कि वह डोहलू टोल प्लाजा तक पहुंच गया है। कुल्लू और मनाली के बीच संपर्क मार्ग जगह-जगह से कट चुका है, जिससे मनाली जिला मुख्यालय से अलग-थलग पड़ गया है।

मंडी जिला भी संकट में: जमीन धंसी, डैम ओवरफ्लो, बिजली उत्पादन बंद
कुल्लू की तरह ही मंडी जिला भी ब्यास नदी की विनाशलीला से अछूता नहीं रहा। पंचवक्त्र मंदिर परिसर तक ब्यास का पानी पहुंच चुका है और भयूली कॉलोनी से 40 लोगों को सुरक्षित निकाला गया।
बालीचौकी क्षेत्र में दो बहुमंजिला इमारतें जमीन धंसने से गिर गईं। सौभाग्य से ये बिल्डिंगें पहले ही खाली करवा ली गई थीं। वहीं, डैहर पावर हाउस (990 मेगावाट) की टरबाइन सिल्ट की वजह से बंद कर दी गई है और पंडोह डैम के सभी पांच गेट खोलने पड़े हैं, जिससे ब्यास नदी और अधिक उफान पर आ गई है।
चंबा जिला में संपर्क ठप, इंटरनेट-नेटवर्क बंद
चंबा जिला पूरी तरह से प्रभावित है। यहां सड़कों के साथ-साथ मोबाइल और इंटरनेट सेवाएं भी बाधित हो गई हैं। सिहुंता-चुवाड़ी, बनीखेत-चंबा, चंबा-तीसा, जोत मार्ग जैसे कई रास्ते बंद हैं।
मणिमहेश यात्रा पर भी संकट छा गया है, क्योंकि श्रद्धालु जगह-जगह फंसे हुए हैं। लाहुल-स्पीति से भी चंद्रताल और शिंकुला दर्रे पर बर्फबारी की सूचना है, जिससे इन क्षेत्रों में हालात और बिगड़ने की आशंका है।
प्रभावित सेवाएं और बुनियादी ढांचे का नुकसान
राज्य में अब तक:
677 सड़कें पूरी तरह बंद
1413 ट्रांसफार्मर बंद, बिजली सेवा बाधित
420 पेयजल योजनाएं ठप
3 नेशनल हाईवे (NH-3, NH-5, NH-305) बंद
अब तक ₹2454 करोड़ रुपए से ज्यादा का आर्थिक नुकसान दर्ज किया गया है।
अब तक मौतों का जिलावार आंकड़ा:
जिला मौतें
मंडी 51
कांगड़ा 49
चंबा 36
शिमला 28
किन्नौर 28
कुल्लू 26
सोलन 21
ऊना 18
हमीरपुर 16
सिरमौर 14
बिलासपुर 15
लाहुल-स्पीति 8
मौसम विभाग की चेतावनी और प्रशासन की अपील
मौसम विभाग ने आगामी दिनों में मंडी और शिमला के लिए यलो अलर्ट जारी किया है। अन्य जिलों में भी हल्की से मध्यम बारिश की संभावना बनी हुई है।
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि बिना जरूरत यात्रा से बचें, नदियों के किनारे न जाएं और सरकारी दिशा-निर्देशों का पालन करें। आपदा प्रबंधन टीमें, पुलिस और स्थानीय प्रशासन राहत व बचाव कार्य में लगे हुए हैं।




