
हिमाचल विधानसभा: जल शक्ति विभाग में 5000 पदों पर भर्ती की घोषणा, उपमुख्यमंत्री ने दी जानकारी
हिमाचल प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने जल शक्ति विभाग में पैरा फिटर, पैरा पंप ऑपरेटर और मल्टीपर्पज वर्कर के 5000 पदों पर भर्ती की घोषणा की। उन्होंने बताया कि इनमें से 2,500 पद पहले ही भरे जा चुके हैं, जबकि शेष पदों को भरने की प्रक्रिया सभी विधानसभा क्षेत्रों में जारी है।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्व सरकार के दौरान कुछ विधानसभा क्षेत्रों में ही भर्तियां की गई थीं, जिससे असंतुलन की स्थिति बनी। अब सरकार युक्तिकरण प्रक्रिया के तहत सभी क्षेत्रों में आवश्यकतानुसार पद भरने की दिशा में काम कर रही है।
कर्मचारियों की स्थिति पर स्पष्टीकरण
विधानसभा में भाजपा विधायक रीना कश्यप द्वारा पूछे गए प्रश्न के उत्तर में उपमुख्यमंत्री ने कहा कि पैरा वर्कर्स और जल रक्षकों को सरकार की तय नीति के तहत मानदेय दिया जा रहा है। इन कर्मचारियों पर सेवा नियम लागू नहीं होते। उन्होंने यह भी स्वीकारा कि ठेकेदारों के माध्यम से नियुक्त कुछ कर्मचारियों का मानदेय जारी करने में देरी हो सकती है।
सोलर रूफटॉप योजना पर उठा सवाल
भाजपा विधायक अनिल शर्मा ने सोलर रूफटॉप योजना के तहत बिजली खरीद मूल्य को लेकर चिंता जताई। उन्होंने आरोप लगाया कि नए फॉर्मूले के कारण बोर्ड उपभोक्ताओं से “लूट” कर रहा है। विधायक ने बताया कि जब उनका खुद का सोलर संयंत्र खराब हुआ तो अत्यधिक बिल आने से उन्हें वास्तविक स्थिति का पता चला।
जवाब में उपमुख्यमंत्री ने कहा कि बिजली की प्रति यूनिट दरें नियामक आयोग द्वारा तय की जाती हैं और बिजली बोर्ड को सरकार द्वारा सब्सिडी दी जाती है। उन्होंने यह भी कहा कि इस विषय पर अधिकारी अनिल शर्मा से व्यक्तिगत रूप से मिलकर समाधान करेंगे।
सवाल का भाव बदलने का आरोप
विधायक अनिल शर्मा ने यह भी आरोप लगाया कि उनके प्रश्न का भाव तोड़-मरोड़ कर पेश किया गया, जिससे मुद्दे की मूल भावना बदल गई। उन्होंने कहा कि उनका प्रश्न उपभोक्ता हित में था, न कि बोर्ड के घाटे को लेकर।
सदन में तीखी नोकझोंक
सदन में विपक्ष और सरकार के बीच तकरार तब और तेज हो गई जब उपमुख्यमंत्री ने अनिल शर्मा को मुख्यमंत्री का “अच्छा दोस्त” कह दिया। इस पर विपक्ष ने आपत्ति जताते हुए कहा कि यह विषय से हटाने वाली टिप्पणी है। मुकेश अग्निहोत्री ने जवाब में कहा, “हमारे लोग तो पहले ही ले गए, अब उनके बारे में बोलने भी नहीं दे रहे।”



