
रिकांगपिओ किन्नौर जिले में जारी बारिश ने शुक्रवार सुबह लिप्पा पंचायत क्षेत्र में कहर बरपाया। पहाड़ी इलाकों में बादल फटने से भोगती नाला और पेजर नाले में अचानक तेज बाढ़ आई, जिससे कई सेब के बगीचों सहित डोगरी क्षेत्र को भारी नुकसान हुआ। इस आपदा में दो मजदूर मलबे में दब गए, जिन्हें स्थानीय ग्रामीणों की मदद से सुरक्षित निकाल लिया गया। घायल मजदूर जम्मू से बताए जा रहे हैं और वे लिप्पा अस्पताल में उपचाराधीन हैं।
इस घटना में एक आरा मशीन भी भारी नुकसान का शिकार हुई है, वहीं बाढ़ के कारण पेयजल आपूर्ति भी प्रभावित हुई है। पंचायत प्रधान हरीशा ने बताया कि पनसेरिंग इलाके में बादल फटने से करीब 50 सेब के बागबानों के पौधे जड़ से उखड़ गए और खेतों में मलबा भर गया। इसके अलावा 10 गौशालाएं, सिंचाई टैंक, पेयजल पाइपें भी बह गईं, जिससे गांव का संपर्क मार्ग भी कट गया।
सतलुज नदी के जलस्तर में वृद्धि से एनएच-5 का हिस्सा धंसा
पवारी क्षेत्र में निर्माणाधीन परियोजना के डैम साइट के पास कंपनी की लापरवाही के कारण सतलुज नदी का जलस्तर बढ़ गया, जिससे राष्ट्रीय उच्च मार्ग-5 का एक बड़ा हिस्सा धंसने लगा। इससे वाहनों के आवाजाही में खासी दिक्कतें आई हैं और यह मार्ग खतरे में पड़ गया है। निर्माण कार्य के बाद से ही इस मार्ग के तीन स्थानों पर धंसाव देखा जा रहा है।
प्रशासन की प्रतिक्रिया
डीसी किन्नौर डॉ. अमित कुमार शर्मा ने बताया कि इस आपदा से ग्रामीणों को भारी नुकसान हुआ है। प्रशासन ने तुरंत दोनों घायल मजदूरों को 10-10 हजार रुपये की फौरी राहत दी है। साथ ही कृषि, उद्यान, राजस्व और अन्य संबंधित विभागों को नुकसान का आकलन करने के निर्देश जारी किए गए हैं। राहत और पुनर्वास कार्य जारी है।
किन्नौर में भारी बारिश और बादल फटने से हालात गंभीर बने हुए हैं, जहां स्थानीय प्रशासन और ग्रामीण मिलकर राहत एवं बचाव कार्य में जुटे हैं।



