
कुल्लू जिले के लगघाटी क्षेत्र के बागन गांव में दो बड़ी चट्टानों से भूस्खलन जारी है, जिससे करीब 35 घरों को भारी खतरा मंडरा रहा है। बारिश और भूस्खलन के कारण ग्रामीणों को अपने घर खाली करके सुरक्षित स्थानों पर रहना पड़ रहा है। कई परिवार सरकारी स्कूल और रिश्तेदारों के घरों में शरण लिए हुए हैं।
26 अगस्त की भारी बारिश के बाद से गांव में लगातार भूस्खलन हो रहा है। चट्टानों के गिरने का डर ग्रामीणों के सिर पर मंडरा रहा है। जिन घरों को खतरा है, वे खाली कर दिए गए हैं, जबकि कुछ परिवार अभी भी अपने घरों में रहने को मजबूर हैं। महिलाएं छोटे बच्चों को गोद में लेकर पैदल रास्तों से गुजर रही हैं, जबकि पुरुष सिलेंडर और अन्य जरूरी सामान लेकर भारी दुर्गम रास्तों से बाजार तक पहुंच रहे हैं।
ग्रामीणों को राशन, दवा और गैस सिलेंडर जैसी आवश्यक वस्तुएं पाने के लिए कई किलोमीटर पैदल चलना पड़ रहा है। बागन की महिला निवासी गुंजन कुमारी ने बताया कि गांव में राशन की कमी है और लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने सरकार से गांव में राशन और अन्य सुविधाएं उपलब्ध करवाने की मांग की है।
गांव के प्रधान वीर सिंह ने बताया कि प्रशासन की टीम ने मौके का जायजा लिया है। तहसीलदार कुल्लू गांव का दौरा कर पूरी रिपोर्ट तैयार कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि गांव में तिरपाल और राशन की व्यवस्था जल्द की जाएगी ताकि प्रभावित लोगों को राहत मिल सके। वहीं, विधायक सुंदर सिंह ठाकुर लगातार ग्रामीणों से संपर्क बनाए हुए हैं और आवश्यक सहायता प्रदान कर रहे हैं।
ग्रामीणों की उम्मीद है कि प्रशासन जल्दी से जल्दी टूटी हुई सड़कों और रास्तों की मरम्मत कर जीवन सामान्य बनाने में मदद करेगा।



