
हिमाचल अपडेट ,हिमाचल प्रदेश में रविवार रात से जारी मूसलाधार बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। मौसम विभाग ने राज्य में रेड अलर्ट जारी किया है। लगातार हो रही बारिश से जगह-जगह भूस्खलन की घटनाएं सामने आ रही हैं। अब तक चार लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि कई मकान और सड़कें मलबे की चपेट में आ गई हैं। हालात को देखते हुए प्रशासन ने 11 जिलों में सभी शैक्षणिक संस्थान बंद रखने के आदेश जारी किए हैं।
शिमला में पिता-पुत्री की मौत, जुब्बल-कोटखाई में दो और की गई जान
शिमला की जुन्गा तहसील के जोत गांव में एक घर भूस्खलन की चपेट में आ गया। हादसे में 35 वर्षीय वीरेंद्र कुमार और उनकी 10 वर्षीय बेटी की मौत हो गई, जबकि पत्नी बाल-बाल बच गई। वहीं, जुब्बल-कोटखाई में दो मकान भूस्खलन से ढह गए। एक बुजुर्ग महिला और एक बच्ची मलबे में दबकर मारी गईं।
राजधानी में सड़कों पर मलबा, पेड़ गिरने से बाधित यातायात
राजधानी शिमला में कई सड़कों पर भूस्खलन हुआ है। खलीनी-झंझीड़ी और खलीनी-टुटीकंडी बाईपास सड़कें बाधित हो गईं। लालपानी और कृष्णानगर क्षेत्र में पेड़ गिरने से यातायात प्रभावित हुआ। लोअर पंथाघाटी में भूस्खलन से दो कारें मलबे में दब गईं। इसके अलावा कई इलाकों में जल स्रोतों में गाद भरने से पानी की आपूर्ति भी बाधित हो गई है।
7 सितंबर तक जारी रहेगा बारिश का दौर
मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने बताया कि प्रदेश में 7 सितंबर तक बारिश का सिलसिला जारी रहेगा। ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर, कांगड़ा, मंडी और सिरमौर जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश का रेड अलर्ट है। खराब मौसम को देखते हुए शिमला, सोलन, सिरमौर, बिलासपुर, कुल्लू, चंबा, कांगड़ा, मंडी, ऊना, हमीरपुर और लाहौल-स्पीति में स्कूल-कॉलेज बंद कर दिए गए हैं।
793 सड़कें और 2,174 ट्रांसफार्मर ठप
सोमवार सुबह तक राज्य में तीन राष्ट्रीय राजमार्ग सहित 793 सड़कें बंद रहीं। 2,174 बिजली ट्रांसफार्मर और 365 जल आपूर्ति योजनाएं भी प्रभावित हैं। चंबा जिले में 253 सड़कें और 269 ट्रांसफार्मर ठप हैं। मंडी जिले में 265 और सिरमौर में 136 सड़कें बाधित हैं।
मानसून में अब तक 320 मौतें
प्रदेश में इस मानसून सीजन (20 जून से 31 अगस्त) के दौरान अब तक 320 लोगों की मौत हो चुकी है। इनमें 154 लोगों की जान सड़क हादसों में गई है, जबकि बाकी लोग बादल फटने, भूस्खलन और बाढ़ की चपेट में आए। अब तक करीब 3.05 हजार करोड़ रुपये की संपत्ति को नुकसान पहुंच चुका है।
ऊना और सोलन में भारी नुकसान
ऊना जिले की परोइयां कलां पंचायत में भूस्खलन से पांच कमरे, रसोईघर और चार मवेशी मलबे में दब गए। वहीं, सोलन जिले के कंडाघाट के पास पहाड़ी दरकने से कालका-शिमला हाईवे बंद हो गया। थाना कलां में अचानक पानी और मलबा पशुशालाओं में घुस गया, जिससे कई पशुओं के घायल होने की आशंका है।



