
हिमाचल प्रदेश इस समय भीषण प्राकृतिक आपदा से गुजर रहा है। लगातार भारी बारिश और मौसम की प्रतिकूल परिस्थितियों ने सैकड़ों परिवारों को संकट में डाल दिया है। कई लोगों की जिंदगियाँ उजड़ चुकी हैं और राहत एवं पुनर्वास सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता बन गई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रशासन और पुलिस व्यवस्था पूरी सजगता से राहत एवं बचाव कार्यों में जुटी है। उन्होंने अपने कर्मचारियों की सराहना करते हुए कहा, “मुझे गर्व है अपने कर्मचारी भाई-बहनों पर, जो कठिन परिस्थितियों के बावजूद दिन-रात सेवा में लगे हैं। हिमाचलवासी भी हाथ से हाथ मिलाकर इस कठिन घड़ी में सहयोग की मिसाल पेश कर रहे हैं।”

हालाँकि, मुख्यमंत्री ने भाजपा पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा नेताओं ने मणिमहेश की घटनाओं को लेकर मौतों के आँकड़ों पर राजनीति की और कर्मठ कर्मचारियों को बदनाम करने की कोशिश की। सीएम ने कहा कि आपदा की घड़ी में जनता के हितों की आवाज़ उठाना ही असली कर्तव्य है, न कि झूठ फैलाना या आँकड़ों को तोड़-मरोड़कर पेश करना।
उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि पड़ोसी राज्य पंजाब में भाजपा अध्यक्ष ने केंद्र से विशेष सहायता की माँग की है। ऐसे में हिमाचल भाजपा नेताओं को भी राज्यहित में आगे आना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने दोहराया कि सरकारें आती-जाती रहेंगी, लेकिन इतिहास इस बात का साक्षी रहेगा कि जब पूरा हिमाचल एकजुट होकर आपदा से लड़ रहा था, तब भाजपा ने संकीर्ण राजनीति को चुना।



