
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में यमुना का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर पहुंच गया है, जिससे बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। हरियाणा के हथिनीकुंड बैराज से भारी मात्रा में पानी छोड़े जाने के बाद मंगलवार सुबह 8 बजे तक यमुना का जलस्तर 205.80 मीटर दर्ज किया गया। हालात को देखते हुए पुराना रेलवे ब्रिज (लोहे का पुल) बंद कर दिया गया है।
बैराज से छोड़ा गया पानी
पिछले 24 घंटे में हथिनीकुंड बैराज से 3.29 लाख क्यूसेक से अधिक पानी छोड़ा गया। अधिकारियों का कहना है कि बैराज से छोड़ा गया पानी दिल्ली पहुंचने में लगभग 48–50 घंटे लगता है। इसके अलावा,
वजीराबाद बैराज से 69,210 क्यूसेक,
ओखला बैराज से 73,619 क्यूसेक पानी छोड़ा गया।
प्रभावित इलाके और राहत कार्य
यमुना के बढ़ते जलस्तर के कारण यमुना बाजार समेत कई निचले इलाकों में पानी घुसने लगा है। लोगों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट किया जा रहा है। दिल्ली प्रशासन की ओर से सभी जिलाधिकारियों को निगरानी में रहने और निकासी प्रक्रिया तेज करने के निर्देश दिए गए हैं।
भाजपा सांसद प्रवीण खंडेलवाल ने कहा कि केंद्र और राज्य एजेंसियां लगातार संपर्क में हैं और मुख्यमंत्री प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर रही हैं। बाढ़ से निपटने के लिए सभी जरूरी इंतजाम किए गए हैं।
मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि सितंबर में मानसून सक्रिय रहेगा और सामान्य से अधिक बारिश की संभावना है। दिल्ली में सोमवार को बारिश को लेकर येलो अलर्ट जारी किया गया था और सुबह से ही रुक-रुक कर बारिश जारी रही।
दो साल पहले यमुना का जलस्तर 208.66 मीटर तक पहुंच गया था, जिसके चलते राजघाट, लाल किला और किनारे की कॉलोनियों में कई फीट पानी भर गया था। मौजूदा स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने यमुना किनारे रहने वाले लोगों से अपील की है कि वे निर्देशों का पालन करें और सुरक्षित स्थानों पर जाएं।



