Search
Close this search box.

शाहनहर के पांच करोड़ बहा ले गई ब्यास, बीबीएमबी की अनदेखी से किसानों की बढ़ी टेंशन

पौंग डैम से छोड़े पानी से लगातार हो रहा नुकसान, अस्तित्व पर संकट
इंदौरा, 3 सितम्बर,प्रदेश की एकमात्र नहर सिंचाई योजना शाहनहर एक बार फिर ब्यास नदी के उफान की भेंट चढ़ गई है। बीबीएमबी (भाखड़ा ब्यास मैनेजमेंट बोर्ड) द्वारा पौंग डैम से लगातार छोड़े जा रहे अतिरिक्त पानी ने इस परियोजना को गंभीर संकट में डाल दिया है। जल शक्ति विभाग के मुख्य अभियंता (नार्थ जोन) धर्मशाला दीपक गर्ग ने पुष्टि की है कि इस बार की बाढ़ से शाहनहर को करीब पांच करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है।

पिछले वर्ष 2023 की भीषण बाढ़ में शाहनहर को चार करोड़ रुपए का नुकसान हुआ था। उस समय विभाग ने मरम्मत और बहाली कार्य के लिए टेंडर लगाकर किसानों को राहत देने की कोशिश की थी। मरम्मत पूरी होने के बाद किसानों की उम्मीदें बंधी थीं, लेकिन इस बार हालात और ज्यादा खराब हो गए हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि पौंग डैम से छोड़े जाने वाले अतिरिक्त पानी का कोई दीर्घकालिक और वैज्ञानिक प्रबंधन नहीं हो पाया है। यदि सरकार और बीबीएमबी ने मिलकर ठोस नीति नहीं बनाई, तो आने वाले वर्षों में शाहनहर का अस्तित्व ही समाप्त हो सकता है।

किसानों की चिंता केवल मौजूदा फसलों तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरी सिंचाई व्यवस्था पर संकट खड़ा हो गया है। सवाल उठ रहा है कि जब हर साल करोड़ों रुपए मरम्मत पर खर्च होते हैं, तो फिर भी नहर को स्थायी सुरक्षा क्यों नहीं मिल रही।

इंदौरा क्षेत्र के किसानों ने सरकार और बीबीएमबी से अपील की है कि शाहनहर को बचाने के लिए स्थायी समाधान निकाला जाए। उनका कहना है कि यदि ठोस कदम नहीं उठाए गए तो यह परियोजना जल्द ही सिर्फ इतिहास के पन्नों तक सीमित होकर रह जाएगी।

Kullu Update
Author: Kullu Update

यह भी पढ़ें

टॉप स्टोरीज