
पंजाब इस समय भीषण बाढ़ की चपेट में है। अमृतसर से लेकर तरनतारन तक सभी 23 जिले प्रभावित हैं। हालात को गंभीर देखते हुए राज्य सरकार ने पूरे पंजाब को आपदा-प्रभावित घोषित कर दिया है। मुख्य सचिव के.ए.पी. सिन्हा के आदेश के तहत सभी सरकारी कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं। बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए स्कूल और कॉलेजों में छुट्टियां 7 सितंबर तक बढ़ा दी गई हैं।
राज्य के लगभग 1655 गांव पानी में डूब गए हैं। अकेले गुरदासपुर जिले में 324 और अमृतसर में 135 गांव प्रभावित हुए हैं। बरनाला के 134, होशियारपुर के 119 और कपूरथला के 115 गांव भी बाढ़ की चपेट में हैं। कुल मिलाकर अब तक साढ़े तीन लाख से ज्यादा लोग प्रभावित हुए हैं।
गुरदासपुर में सबसे अधिक 1.45 लाख और अमृतसर में 1.17 लाख लोग संकट में हैं। फिरोजपुर, फाजिल्का और पठानकोट में भी हजारों लोग बाढ़ से जूझ रहे हैं। जालंधर में सतलुज नदी के उफान से करीब 30 गांव डूबे हैं, वहीं घग्गर नदी खतरनाक स्तर पर पहुंचने से पटियाला और संगरूर में अलर्ट जारी किया गया है।
बाढ़ की गंभीर स्थिति को देखते हुए केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान गुरुवार को पंजाब का दौरा करेंगे। इस बीच आम आदमी पार्टी के सांसद राघव चड्ढा ने अपने सांसद निधि से 3.25 करोड़ रुपये राहत और बचाव कार्यों के लिए जारी करने की घोषणा की है।



