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कुल्लू में फिर भूस्खलन: दो मकान दबे, एक की मौत, तीन को बचाया गया; कई लोग अब भी फंसे

हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले में भारी बारिश के चलते हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं। जिला मुख्यालय के इनर अखाड़ा बाजार के मठ क्षेत्र में गुरुवार सुबह हुए भूस्खलन ने दो मकानों को अपनी चपेट में ले लिया। इस घटना में एक व्यक्ति की मौत हो गई है, जबकि तीन लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है। राहत एवं बचाव कार्य अभी भी जारी है, लेकिन लगातार बारिश से दिक्कतें बढ़ रही हैं। बताया जा रहा है कि मलबे में अब भी छह लोग दबे हुए हैं, जिनमें एक महिला और पांच कश्मीरी मजदूर शामिल हैं।

जानकारी के अनुसार, गुरुवार सुबह करीब 7:30 बजे भारी चट्टानों के साथ मलबा नीचे आया। इसके चलते इनर अखाड़ा बाजार के दो मकान बुरी तरह प्रभावित हुए। हादसे की सूचना मिलते ही एनडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। प्रशासन की ओर से एडीसी कुल्लू अश्विनी कुमार और एसडीएम निशांत कुमार भी घटनास्थल पर मौजूद हैं और राहत कार्यों की निगरानी कर रहे हैं। प्रशासन का कहना है कि लगातार हो रही बारिश और गिरती चट्टानें बचाव कार्य को और चुनौतीपूर्ण बना रही हैं।

गौरतलब है कि कुल्लू जिला मुख्यालय में तीन दिन के भीतर भूस्खलन की यह चौथी घटना है। बुधवार को भी भूस्खलन में दो लोग मलबे में दब गए थे और उनके शव अब तक नहीं निकाले जा सके हैं। लगातार हो रही बारिश के कारण स्थिति और गंभीर होती जा रही है।

इधर, मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने गुरुवार को कांगड़ा, कुल्लू, मंडी और सिरमौर के कुछ इलाकों में बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है। शुक्रवार को कांगड़ा, मंडी, शिमला, सोलन और सिरमौर जिलों में भी येलो अलर्ट रहेगा। मौसम विभाग का अनुमान है कि 6 सितंबर से भारी बारिश से कुछ राहत मिल सकती है, लेकिन 9 सितंबर तक प्रदेश में मौसम खराब बना रहेगा।

सितंबर की शुरुआत में हुई भारी बारिश ने प्रदेश में हालात और बिगाड़ दिए हैं। तीन दिनों में सामान्य से 534 फीसदी अधिक वर्षा दर्ज की गई है। एक से तीन सितंबर तक हिमाचल प्रदेश में 104 मिलीमीटर बारिश हुई, जबकि इस अवधि के लिए सामान्य बारिश 16.4 मिलीमीटर मानी जाती है। मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार बिलासपुर, कुल्लू और सोलन जिलों में तो 1000 फीसदी से ज्यादा बारिश दर्ज हुई। वहीं, चंबा, हमीरपुर, शिमला, सिरमौर और अन्य जिलों में भी औसत से कई गुना अधिक बारिश हुई है।

मौसम विभाग के आंकड़े बताते हैं कि मानसून सीजन (20 जून से 3 सितंबर) में हिमाचल प्रदेश में सामान्य से 46 फीसदी अधिक बारिश दर्ज की गई है। लाहौल-स्पीति को छोड़कर प्रदेश के सभी जिलों में बारिश औसत से ज्यादा रही है।

लगातार हो रही बारिश और भूस्खलनों ने लोगों के जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है। सड़कें बंद होने से यातायात प्रभावित हुआ है, कई गांवों का संपर्क कट गया है और प्रशासन को राहत शिविरों की व्यवस्था करनी पड़ रही है। कुल्लू में गुरुवार का हादसा इस बात का सबूत है कि पहाड़ों पर खतरा अभी टला नहीं है।

Kullu Update
Author: Kullu Update

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