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हिमाचल आपदा: CM सुक्खू ने PM मोदी से रखी 7 अहम मांगें, जानिए कितनी पूरी होंगी?

मॉनसून के कहर से तबाह हिमाचल प्रदेश में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हवाई सर्वेक्षण कर स्थिति का जायजा लिया। कांगड़ा एयरपोर्ट पर मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू के साथ पीएम मोदी ने प्रभावितों से मुलाकात की और प्रदेश को 1500 करोड़ रुपये की तत्काल सहायता देने की घोषणा की। हालांकि मुख्यमंत्री सुक्खू ने केंद्र सरकार से और भी सहयोग की गुहार लगाई।

मुख्यमंत्री सुक्खू ने पीएम मोदी के समक्ष कुल 7 महत्वपूर्ण मांगें रखीं, जिनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं:

वन भूमि पर छूट: विस्थापित परिवारों को वन भूमि पर बसाने के लिए वन संरक्षण अधिनियम के तहत छूट दी जाए, क्योंकि हिमाचल प्रदेश की 68% भूमि वन क्षेत्र में आती है।

विशेष राहत पैकेज: राज्य के संसाधनों के अपर्याप्त होने की वजह से विशेष राहत पैकेज की आवश्यकता जताई गई।

लोन लिमिट में वृद्धि: केंद्र से लोन लिमिट बढ़ाने और दो प्रतिशत अतिरिक्त उधार सीमा की अनुमति की मांग।

जलविद्युत से रॉयल्टी की मांग: राज्य को जलविद्युत परियोजनाओं से मुफ्त रॉयल्टी मिलने और केंद्रीय उपक्रमों से स्वामित्व ट्रांसफर करने की अपील।

इंफ्रास्ट्रक्चर सुधार: कांगड़ा एयरपोर्ट विस्तार, ऑल वेदर सुरंगों के निर्माण और वैकल्पिक पर्वतीय मार्गों के विकास हेतु केंद्र से सहयोग मांगा गया।

महत्वपूर्ण सुरंग परियोजना: कुल्लू-मनाली मार्ग पर भूभूजोत सुरंग परियोजना को प्राथमिकता देने का मामला रखा गया।

सड़क निर्माण नीति: भविष्य में सड़क निर्माण सुरंग और ब्रिज आधारित बनाने की रणनीति, साथ ही 2 प्रतिशत की अतिरिक्त बोरिविंग की मांग।

करीब एक घंटे तक चली प्रस्तुति में मुख्यमंत्री ने पीएम मोदी को इन जरूरी प्रस्तावों से अवगत कराया। मुलाकात के बाद CM सुक्खू ने बताया कि प्रधानमंत्री ने इन मांगों को गंभीरता से लेने का भरोसा दिया। उन्होंने यह भी कहा कि हिमाचल प्रदेश को अब तक करीब 5000 करोड़ रुपये का नुकसान हो चुका है, इसलिए केंद्र से और मदद की उम्मीद है।

अब देशभर की निगाहें इस पर हैं कि केंद्र सरकार कितनी तेजी से इन मांगों पर कार्रवाई करती है और हिमाचल प्रदेश के पुनर्निर्माण कार्य को गति मिलती है।

Kullu Update
Author: Kullu Update

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